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रायपुर/छत्तीसगढ़ : शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण पर शिक्षकों का बड़ा विरोध, 28 मई को मंत्रालय घेराव की चेतावनी

admin Tue, May 27, 2025

छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शिक्षक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है और 28 मई को मंत्रालय घेराव का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युक्तियुक्तकरण को शिक्षा और बच्चों के हित में बताते हुए इसे जरूरी कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और शिक्षकों का असमान वितरण संतुलित होगा।

मुख्यमंत्री का बयान: "युक्तियुक्तकरण बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी"

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि कुछ स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 300 स्कूल ऐसे हैं, जहां कोई भी शिक्षक नहीं है, वहीं 5000 स्कूलों में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं। दूसरी ओर, कुछ स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है लेकिन शिक्षक ज्यादा हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए ही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शिक्षकों की कमी को दूर करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। इससे न केवल शिक्षकों का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी शिक्षा का समुचित लाभ मिलेगा।

शिक्षक संगठनों का विरोध: "सेटअप में बदलाव के नाम पर शिक्षकों के पद घटाए जा रहे हैं"

शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध किया है। शाला शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि राज्य का कोई भी शिक्षक या संगठन एकल शिक्षक स्कूलों में शिक्षक नियुक्त करने के खिलाफ नहीं है, लेकिन युक्तियुक्तकरण के नाम पर वर्ष 2008 के सेटअप की तुलना में प्राथमिक और पूर्व-प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की संख्या घटाई जा रही है।

दुबे ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग अपने ही वर्तमान सेटअप को अप्रासंगिक बता रहा है और आरटीई एक्ट 2009 को एक ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है, जबकि यह कानून पूरे देश के लिए न्यूनतम मानक तय करता है, न कि अधिकतम। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 2023 में राज्य के सेटअप से विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था को समाप्त कर दिया, जबकि आरटीई में विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था का प्रावधान है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार अपने फैसले को सही ठहराने के लिए आरटीई एक्ट का सहारा ले रही है।

28 मई को मंत्रालय घेराव की घोषणा

शिक्षक संगठनों ने युक्तियुक्तकरण के विरोध में 28 मई को मंत्रालय घेराव का ऐलान किया है। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण के नाम पर शिक्षकों के पदों को खत्म कर रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और कमजोर होगी। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

इस विवाद के बाद छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक ओर सरकार का दावा है कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों का आरोप है कि इससे शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी और शिक्षकों की संख्या में कटौती की जाएगी। अब देखना यह है कि 28 मई को मंत्रालय घेराव के दौरान सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच क्या समाधान निकलता है

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