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टीबी मुक्त भारत: सरगुजा में 1742 मरीज : टीबी मुक्त भारत: सरगुजा में 1742 मरीज, अभियान क्यों हो रहा कमजोर?

admin Mon, Mar 24, 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 1742 मरीज अब भी टीबी से जूझ रहे हैं, जिससे यह साफ है कि इस अभियान को और मजबूती देने की जरूरत है।

क्यों पिछड़ रहा अभियान?

  1. सही समय पर पहचान की कमी: ग्रामीण इलाकों में लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है।

  2. स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौती: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।

  3. सुपोषण की समस्या: टीबी मरीजों के लिए पोषण अहम होता है, लेकिन गरीब तबके को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।

  4. जागरूकता की कमी: अभी भी कई लोग टीबी को लेकर जागरूक नहीं हैं और इसे छिपाने की कोशिश करते हैं।

सरकार की कोशिशें

सरकार 'निक्षय मित्र' योजना के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने की योजना चला रही है, जिसमें पोषण और इलाज की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा, हर घर टीबी खोज अभियान भी चलाया जा रहा है।

क्या करने की जरूरत?

  • गांवों में स्क्रीनिंग और जांच अभियान तेज करना होगा।

  • सुपोषण योजनाओं को और प्रभावी बनाना होगा।

  • टीबी मरीजों के इलाज और दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

निष्कर्ष

सरगुजा में टीबी के 1742 मरीज इस बात का संकेत हैं कि टीबी मुक्त भारत अभियान को और तेज करने की जरूरत है। जब तक हर मरीज को सही समय पर इलाज और पोषण नहीं मिलेगा, तब तक यह सपना अधूरा रहेगा।

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