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Baloda Bazar Violence Updates : बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, छत्तीसगढ़ सरकार से मांगा जवाब

Media Yodha Desk Fri, Jun 19, 2026

Baloda Bazar Violence Updates : बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। एसएलपी पर अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।

बता दें कि बलौदाबाजार में हुए बहुचर्चित हिंसा और आगजनी मामले में आरोपी अमित बघेल,अजय यादव और दिनेश कुमार वर्मा की छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी। अजय यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के सिंगल बेंच ने 19 मई 2026 को आवेदकों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आवेदक अमित बघेल और अजय यादव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी हैं, उन पर सात से आठ हजार लोगों की भीड़ को भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस बल पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप है।

हिंसा के कारण बलौदाबाजार-भाटापारा जिला और मुख्यालय में शांति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लगभग 13 से 15 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ। अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका SLP दायर कर जमानत की मांग की है। याचिका की सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

जानिए क्या है पूरा मामला 

बता दें कि 15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे। जिसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की। वहीं 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया, जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया। जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को 12.53 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।

 

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