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कुलपति वाजपेई के खिलाफ छात्रों का विरोध : बेशरम के फूल भेंट कर जताया आक्रोश

Media Yodha Desk Sat, Dec 27, 2025

बिलासपुर : हिन्दी साहित्य के गौरव, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ कवि श्रद्धेय श्री विनोद शुक्ल जी के निधन से सम्पूर्ण प्रदेश शोक में डूबा हुआ है, उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर व्याप्त थी। खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय सहित अनेक विशिष्ट जनों ने उनकी अंत्येष्टि में सम्मिलित होकर कंधा दिया और श्रद्धांजलि अर्पित की। जहां छत्तीसगढ़ के प्रख्यात कवि को गॉड ऑफ़ अनार के साथ ससम्मान अंतिम विदाई दी गई इसी संवेदनशील समय में प्रदेश में बड़े राजकीय विश्वविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में कुल उत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को कवि सम्मेलन एवं नृत्य प्रस्तुति जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं मानवीय संवेदनाओं के विपरीत रहा। जब पूरा प्रदेश शोकाकुल था, तब विश्वविद्यालय परिसर में हंसी-ठिठोली और मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे छात्र समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया, यहां के कर्मचारी भी दबी जबान में इसकी निंदा करते रहे।

गौरतलब है कि शोक की भावना को ध्यान में रखते हुए अनेक अतिथियों ने अपने कार्यक्रम स्वतः स्थगित कर दिए थे, विश्वविद्यालय में भी मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह भी नहीं पहुंचे किंतु विश्वविद्यालय के कुछ तथाकथित विद्वान अधिकारियों की जिद और मंच-प्रेम के चलते यह आयोजन कराया गया, जिससे विश्वविद्यालय की गरिमा प्रभावित हुई है। कुलपति ने स्वयं भी मंच से अशोभनीय हर काम हमारा का कविता पाठ किया।

इस असंवेदनशीलता के विरोध में छात्रों ने कुलपति प्रो. एडीएन. वाजपेयी को “बेशरम के फूल” भेंट कर अपना विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया, स्थिति की भनक लगते ही कुलपति वहां से निकल गए, जिसके पश्चात छात्र प्रतिनिधि कुलपति कक्ष के समक्ष धरने पर बैठ गए। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा संवाद न किए जाने पर आक्रोशित छात्रों ने छात्र नेता सूरज सिंह राजपूत के साथ में कुलपति कक्ष के बाहर बेशरम के फूल चस्पा कर मानवीय संवेदनाओं को ठेस पहुँचाने वाले इस कृत्य के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति वाजपेई से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। छात्रों ने कहा कि कुलपति की हंसी ने विश्वविद्यालय को एक बार फिर शर्मसार किया है।

यह उल्लेखनीय है कि इसी शोक की भावना को सम्मान देते हुए बिलासपुर में प्रस्तावित लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया था, मुख्यमंत्री ने इसमें आकर केवल शोक संवेदना व्यक्त की थी।

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