धमतरी : गंगरेल बांध में मुस्कान लौटी, लगातार बारिश से जलस्तर में बड़ा सुधार
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश ने किसानों और जल संसाधन विभाग के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। खासकर रविशंकर सागर परियोजना (गंगरेल बांध) में पानी की आवक ने जल संकट की चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है।
अब तक 50% तक भर चुका है गंगरेल बांध
प्रदेश के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल 32 टीएमसी क्षमता वाला गंगरेल बांध अब लगभग 16 टीएमसी (50%) तक भर चुका है। वर्तमान में इसमें 18,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है, जबकि 400 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज जारी है।
कैचमेंट क्षेत्र में जोरदार बारिश का असर
गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया—चारामा, भानुप्रतापपुर और कांकेर—में अच्छी बारिश हो रही है। प्रति घंटे 18,177 क्यूसेक पानी की लगातार आवक से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अभी बांध 43.9% भर चुका है, और यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो अगले 8–10 दिनों में यह पूरी तरह भर सकता है।
गंगरेल बांध पर हमारी पूरी नजर है। लगातार बारिश से अगले कुछ दिनों में यह भरने की उम्मीद है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा," — कपिल मित्तल, अधीक्षण अभियंता, रविशंकर परियोजना
अन्य बांधों की स्थिति भी सुधरने लगी
माड़मसिल्ली बांध: 23 मिमी बारिश, 556 क्यूसेक पानी की आवक
सोंदूर बांध: 57 मिमी बारिश, 528 क्यूसेक आवक
दुधावा बांध: 52 मिमी बारिश, 331 क्यूसेक आवक
गंगरेल क्षेत्र: 36 मिमी बारिश
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बारिश का असर अब जलाशयों में दिखने लगा है, जिससे आगामी समय में खरीफ सीजन की सिंचाई व्यवस्था बेहतर रहने की उम्मीद है।
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