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छत्तीसगढ़-AP बॉर्डर पर बड़ी जीत : सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 6 नक्सलियों को ढेर किया, कुख्यात हिडमा के मारे जाने की खबर

Media Yodha Desk Tue, Nov 18, 2025

बस्तर : छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली इलाके में चल रहे इस ऑपरेशन में अब तक 6 नक्सली मारे गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार मारे गए नक्सलियों में कई बड़े कैडर के सदस्य शामिल हैं। इनमें कुख्यात कमांडर माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे और सब जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) टेक शंकर के भी ढेर होने की सूचना है।

सूत्रों के अनुसार आंध्र प्रदेश की स्पेशल ग्रेहाउंड फोर्स ने इस ऑपरेशन में CPI (माओवादी) की PLGA बटालियन नंबर 1 के प्रमुख और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिडमा (43) को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसे केंद्रीय समिति (CC) का सदस्य भी बनाया गया था। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह 200–250 हथियारबंद नक्सलियों के साथ चलता था।

हिडमा, जो कम से कम 26 घातक हमलों के लिए ज़िम्मेदार था, जिनमें 2013 दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमले शामिल हैं। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों की निगरानी में था।

माडवी हिडमा का असली नाम संतोष था, नक्सल संगठन CPI (माओवादी) का सबसे कुख्यात और घातक कमांडर माना जाता था। वह कम से कम 26 बड़े और जानलेवा नक्सली हमलों के लिए ज़िम्मेदार था, जिनमें 2013 का दरभा घाटी नरसंहार और 2017 का सुकमा हमला शामिल है। 1981 में सुकमा जिले के पूवर्ति गांव में जन्मा हिड़मा माओवादियों की सबसे खतरनाक लड़ाकू इकाई पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था।

संगठन ने उसे CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य बनाया था, और वह बस्तर क्षेत्र से इस उच्च नेतृत्व में जगह बनाने वाला एकमात्र आदिवासी था। उसकी क्रूर रणनीतियों और हमलों को अंजाम देने की क्षमता के कारण उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। कार्रवाई के दौरान हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) के भी मारे जाने की जानकारी मिली है। वह सालों से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था और नक्सल नेटवर्क का सबसे खतरनाक चेहरा माना जाता था।

इन हमलों में था शामिल

• 2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
• 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल थे
 2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद

मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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