22nd April 2026

BREAKING NEWS

आंगनबाड़ी में नौकरी का शानदार मौका – जानें योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की पूरी डिटेल्स

अब नहीं पड़ेगी लंबी यात्रा की जरूरत… बिलासपुर से दिल्ली के लिए सीधी फ्लाइट सेवा शुरू, इस दिन से भर सकेंगे उड़ान

LPG सिलेंडर से छुटकारा! अब घर-घर पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस, हरियाणा की कंपनी को मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

सचिन तेंदुलकर के दंतेवाड़ा दौरे में बड़ा बदलाव, छिंदनार गांव में अब सीएम साय भी नहीं होंगे साथ

'50 हजार देता था, फिर भी मेरे बच्चे को मार डाला...', नीले ड्रम वाली मुस्कान की पेशी पर फूट-फूटकर रोई सौरभ की मां

Advertisment

बस्तर में पानी के लिए संग्राम, : बस्तर में पानी को लेकर बवाल: कांग्रेस विधायक ने पीएचई ऑफिस का किया घेराव, प्रशासन से नाराज होकर बैठे धरने पर

admin Thu, Jul 3, 2025

छत्तीसगढ़ के बस्तर विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। क्षेत्र के करीब 50 गांवों में पानी की गंभीर किल्लत के चलते स्थानीय कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। उन्होंने 2 जुलाई से भूख हड़ताल की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी, न ही धरना स्थल मुहैया कराया।


🚰 पानी के लिए विधायक का धरना

  • अनुमति न मिलने से नाराज विधायक लखेश्वर बघेल बुधवार को अपने समर्थकों और कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ सीधे पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) कार्यालय पहुंचे।

  • वहां पहुंचकर उन्होंने कार्यालय का घेराव किया और धरने पर बैठ गए

  • बघेल ने विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कड़ी नाराजगी जताई।


🗣 विधायक का आरोप

  • विधायक ने कहा,
    "बस्तर विधानसभा के दर्जनों गांव वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। नल जल योजना पर सिर्फ कागजी काम हुआ है, जमीन पर कुछ नहीं।"

  • उन्होंने पीएचई विभाग को नकामी का जिम्मेदार ठहराया।


📄 मांगे मानी, धरना समाप्त

  • लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद पीएचई विभाग ने लिखित आश्वासन दिया कि बरसात के बाद पेयजल समस्या का समाधान किया जाएगा।

  • हालांकि, विधायक ने कहा,
    "एक महीने में समाधान नहीं हुआ, तो दोबारा घेराव करेंगे।"

  • इसके बाद उन्होंने अपना धरना खत्म किया लेकिन चेतावनी भी दे डाली।


⚠️ मामले की बड़ी बातें

  • बस्तर के 50 गांवों में भीषण जलसंकट, ग्रामीणों को मीलों चलकर लाना पड़ता है पानी।

  • प्रशासन की उपेक्षा से नाराज जनप्रतिनिधि को अनशन तक की नौबत

  • भूख हड़ताल की अनुमति तक नहीं मिली, लेकिन धरना देने को मजबूर हुए विधायक।

  • 1 महीने का अल्टीमेटम, नहीं हुआ समाधान तो दोबारा होगा बड़ा आंदोलन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन