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Ram Avtar Jaggi murder case : राम अवतार जग्गी केस में अमित जोगी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका, 3 सप्ताह में करना होगा सरेंडर

Media Yodha Desk Thu, Apr 2, 2026

बिलासपुर : जग्गी हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर होने के निर्देश दिए है, अमित जोगी ने इस फैसले को लेकर कहा, आज उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया — बिना मुझे सुनवाई का एक भी अवसर दिए।

मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। ऐसा पहली बार हुआ है। अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है। मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा। मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूँ। मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूँ।

सत्य की जीत अवश्य होगी। आप सभी मेरे लिए प्रार्थना जरूर करें।जय छत्तीसगढ़

2003 में गोली मारकर की गई थी हत्या

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया था। अब इस मामले में अंतिम फैसला आ गया है।

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