: बस्तर में पर्यटन और विकास को बढ़ावा सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक
admin Tue, Nov 19, 2024
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में चित्रकोट में बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर *पर्यटन कॉरिडोर* बनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए रणनीति तैयार की गई।
पर्यटन को नई दिशा मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धुड़मारास गांव के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त की, जिसे संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटक गांव उन्नयन कार्यक्रम में शामिल किया गया है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित यह गांव, 60 देशों के 20 गांवों में भारत का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री ने इसे बस्तर की नई पहचान के रूप में बताया और इसे क्षेत्र के विकास में एक अहम कदम करार दिया। नए प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन बैठक में मुख्यमंत्री ने मनो बस्तर ऐप और सोलर सॉल्यूशंस लॉन्च किए। इसके अलावा, सौर ऊर्जा से संचालित पावर बैंक का भी शुभारंभ किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर चर्चा बैठक के दौरान एनएमडीसी द्वारा बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण की संभावना पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। विकास और नक्सल समस्या का समाधान सीएम साय ने बस्तर और सरगुजा के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आदिवासी विकास प्राधिकरण इन क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में छत्तीसगढ़ में सराहनीय काम हो रहा है और नक्सल समस्या अब सीमित क्षेत्रों में सिमट गई है। बस्तर में पूर्ण शांति बहाल कर आंतरिक इलाकों में लोकतंत्र को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया है। अन्य विकास कार्यों के निर्देश सीएम ने संबंधित अधिकारियों को केशकाल घाट सुधार कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। बस्तर में देवगुड़ी और मातागुड़ी के निर्माण कार्य को डेढ़ महीने में पूरा करने की समय सीमा तय की गई। साथ ही, दंतेवाड़ा जिले के नेरली और धुरली गांवों में लाल पानी की समस्या सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एनएमडीसी को त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक कर आवश्यक पहल करने पर जोर दिया। बस्तर के विकास की नई उम्मीदेंबैठक में लिए गए निर्णयों से यह साफ है कि बस्तर को पर्यटन, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि स्थानीय लोगों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे।
इन कदमों से बस्तर न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास का नया मॉडल प्रस्तुत करेगा।विज्ञापन
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