16th June 2026

BREAKING NEWS

रूस का बॉम्बर विमान हुआ क्रैश, साइबेरिया के जंगलों में गिरा प्लेन, मची अफरा-तफरी - VIDEO

मैदान पर विषेन हालाम्बागे से हुई तीखी नोकझोंक

NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा एक्शन, 22 जून तक भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया नया नियम

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका... छत्तीसगढ़ में 6.23% बढ़ी बिजली दरें, जेब पर बढ़ेगा बोझ

Advertisment

जगदलपुर : दंतेश्वरी मंदिर में खुली आस्था की तिजोरी, दो दानपेटियों से मिले 11 लाख से अधिक नकद और गहने

admin Tue, May 20, 2025

बस्तर की संस्कृति और श्रद्धा का प्रतीक मां दंतेश्वरी मंदिर एक बार फिर श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर हो गया। सोमवार को मंदिर परिसर में रखी दो दानपेटियों को प्रशासन की निगरानी में खोला गया, जिनसे कुल ₹11,34,450 नकद, साथ ही सोने और चांदी के आभूषण प्राप्त हुए।


🛡️ प्रशासन की पारदर्शिता में खुली दानपेटियां

दानपेटियों को नायब तहसीलदार आशीष कुमार साहू की निगरानी में खोला गया। मंदिर समिति के सदस्य और नायब तहसीलदार अर्जुन श्रीवास्तव भी इस प्रक्रिया में उपस्थित रहे। दानपेटी खोलने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई।

“यह दान मंदिर संचालन के साथ-साथ बस्तर दशहरा और गोंचा जैसे सांस्कृतिक आयोजनों की भव्यता को और बढ़ाएगा,”
— आशीष कुमार साहू, नायब तहसीलदार, जगदलपुर


💰 आस्था का खजाना: नकद, आभूषण और मनोकामनाएं

मंदिर परिसर में कुल चार दानपेटियां हैं, जिनमें से अब तक केवल दो को खोला गया है। इनमें नकद राशि के अलावा सोने-चांदी के गहने और श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं से भरी चिट्ठियां भी मिली हैं।

“गहनों और नकदी के रूप में प्राप्त यह दान न केवल धार्मिक गतिविधियों को बल देगा बल्कि बस्तर के उत्सवों को भी ऊर्जा प्रदान करेगा,”
— कृष्ण कुमार पाढ़ी, प्रधान पुजारी, दंतेश्वरी मंदिर


🌍 विदेशी मुद्रा और आस्था की चिट्ठियां

प्रशासन के अनुसार, यदि शेष दानपेटियों में विदेशी मुद्रा पाई जाती है तो उसे बदला जाएगा। साथ ही, श्रद्धालुओं द्वारा रखी गई मनोकामनाओं की चिट्ठियों को यथावत रखा जाएगा, जो मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है।


📜 मंदिर की परंपरा और पहचान

दंतेश्वरी मंदिर, बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं और अपने विश्वास, भक्ति और मनोकामनाएं माता के चरणों में समर्पित करते हैं। एक वर्ष से अधिक समय बाद जब दानपेटियां खोली गईं, तो लोगों की अडिग श्रद्धा का प्रमाण सामने आया।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन