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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : NHM कर्मचारी की बर्खास्तगी रद्द, सेवा बहाली के संकेत

Media Yodha Desk Sat, Jul 4, 2026

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में जिला प्रशिक्षण समन्वयक/एचआर (डीटीसी) के पद पर कार्यरत दिलीप कुमार मधुकर की सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) के आदेश को निरस्त करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने माना कि विभाग द्वारा कार्रवाई करते समय मानव संसाधन नीति एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का समुचित पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि विभाग द्वारा सेवा समाप्ति की कार्रवाई अपनी ही मानव संसाधन नीति के अनुरूप निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई है।

उन्होंने यह भी प्रस्तुत किया कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध इस प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से पूर्व निष्पक्ष एवं विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है, किन्तु वर्तमान मामले में ऐसा नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष यह तथ्य भी आया कि कर्मचारी के विरुद्ध सेवा समाप्ति का निर्णय पूर्ण एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना लिया गया। न्यायालय ने माना कि केवल कारण बताओ सूचना जारी कर उत्तर प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभागीय नीति के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक था।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब किसी कर्मचारी के विरुद्ध कदाचार के आरोपों के आधार पर सेवा समाप्ति की जाती है और उससे उसकी प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तब ऐसी कार्रवाई पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुरूप होना आवश्यक है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना पारित आदेश न्यायिक समीक्षा में टिक नहीं सकता। इन्हीं तथ्यों एवं कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) के आदेश को निरस्त कर दिया।

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