7th August 2026

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सुकमा : नक्सल प्रभावित युवाओं के लिए नई शुरुआत :30 आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिला राजमिस्त्री प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में जिला प्रशासन ने समाज की मुख्यधारा से भटके युवाओं को फिर से मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अभिनव पहल की है। इस पहल के तहत 30 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री का व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार किया गया है।

नक्सल पुनर्वास नीति से बदलेगी जिंदगी

छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत जिला प्रशासन सुकमा ने आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को न केवल आश्रय दिया, बल्कि उन्हें नया जीवन शुरू करने के लिए व्यावसायिक कौशल भी प्रदान किया। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव और एसपी किरण चव्हाण के निर्देशन में इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया।

लाइवलीहुड कॉलेज और आरसेटी के सहयोग से कौशल विकास

प्रशिक्षण कार्यक्रम लाइवलीहुड कॉलेज और आरसेटी के माध्यम से संचालित किया गया। इस योजना का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है।

प्रशिक्षित युवाओं को मिला प्रमाण पत्र

सभी लाभार्थियों ने जब सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया तो एसपी श्री किरण चव्हाण ने उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। प्रमाण पत्र पाकर युवाओं में नया आत्मविश्वास देखा गया, जिससे न केवल उनका भविष्य सवंरेगा बल्कि उनका परिवार भी सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी सकेगा।

शांति और विकास की ओर कदम

जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसी पहल न केवल नक्सली हिंसा को कम करेगी बल्कि शांति और विकास की नई राह खोलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह कदम अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगा।


मुख्य बिंदु:

  • 30 आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिला राजमिस्त्री का व्यवसायिक प्रशिक्षण

  • नक्सल पुनर्वास नीति के तहत सुनहरे भविष्य की तैयारी

  • लाइवलीहुड कॉलेज और आरसेटी के सहयोग से कौशल विकास

  • एसपी द्वारा प्रमाण पत्र वितरण, युवाओं में नया आत्मविश्वास

  • सुकमा में शांति और विकास की ओर मजबूत कदम


निष्कर्ष:
सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखने में मील का पत्थर साबित हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के कार्यक्रम आने वाले समय में और भी अधिक युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़ने और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करेंगे।

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