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बलरामपुर (छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव: बलरामपुर में स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, शिक्षकों की तैनाती से सुधरेगी पढ़ाई

admin Fri, Jun 6, 2025

विष्णुदेव साय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा व्यवस्था में युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) की नई प्रणाली लागू की गई है। इस बदलाव के तहत स्कूलों में शिक्षक संतुलन और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। बलरामपुर जिले के कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इस व्यवस्था को विस्तार से समझाया और इसके लाभ गिनाए।


🏫 शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक स्कूलों को राहत

कलेक्टर कटारा के अनुसार, बलरामपुर जिले में अब तक:

  • 14 प्राथमिक स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन थे।

  • 300 से ज्यादा स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे थे।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से अब इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती हो चुकी है, जिससे नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई निरंतर और व्यवस्थित रूप से होगी।

“कुछ स्कूलों में शिक्षक नहीं थे, वहीं शहरी क्षेत्रों में कुछ स्कूलों में शिक्षक अधिक थे। ऐसे में उन्हें दूरस्थ जरूरतमंद स्कूलों में भेजा गया है।”
राजेंद्र कटारा, कलेक्टर, बलरामपुर


👨‍🏫 333 अतिशेष शिक्षक अब उचित स्थानों पर

बलरामपुर में कुल 642 रिक्त पद थे, जिसमें से:

  • 333 अतिशेष शिक्षकों का समायोजन सफलतापूर्वक किया गया है।

  • 309 रिक्त पदों की रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय (JDE) को भेज दी गई है।


🏫 स्कूलों का क्लस्टर मॉडल लागू

अब एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को एकीकृत क्लस्टर मॉडल के तहत चलाया जाएगा। इससे बच्चों को मिलेगा:

  • पर्याप्त कमरे

  • योग्य शिक्षक

  • लैब, लाइब्रेरी और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं


📚 एडमिशन की झंझट से भी राहत

इस नई प्रणाली से:

  • 90% बच्चों को हर साल बार-बार एडमिशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • पढ़ाई में गुणवत्ता और निरंतरता बनी रहेगी।

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