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CG Liquor Scam : शराब घोटाले पर बड़ा वार! 29 आबकारी अफसरों की गिरफ्तारी तय, विभाग में हड़कंप

Media Yodha Desk Tue, Mar 17, 2026

CG Liquor Scam: पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने इस मामले में संलिप्त 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है और विभाग में हड़कंप मच गया है।

शराब सिंडिकेट से हर महीने तय मिलती थी राशि

माना जा रहा है कि इन अधिकारियों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। फिलहाल सभी आरोपी अधिकारी निलंबित बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी फाइल पिछले करीब एक महीने से मंत्रालय में लंबित थी। चर्चा यह भी रही कि कुछ प्रभावशाली लोग आरोपित अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, विभागीय मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया और फाइल उनके पास पहुंचते ही मंजूरी दे दी। इसके बाद यह फाइल ईडी को वापस भेज दी गई। ईडी की जांच और चार्जशीट में शामिल इन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। जांच के दौरान कई अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि उन्हें शराब सिंडिकेट से हर महीने तय राशि मिलती थी।

29 अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज

आरोप है कि यह रकम अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा देने और दुकानों में ओवररेटिंग को नजरअंदाज करने के बदले दी जाती थी। बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क जिला स्तर से लेकर मुख्यालय तक फैला हुआ था। ईडी ने इस मामले में कुल 33 आबकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया था। इनमें से कुछ बड़े नाम जैसे तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास, एमडी अरुणपति त्रिपाठी और अनिल टुटेजा पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में हैं।

अब बाकी 29 अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज होने की संभावना है। अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद ईडी के पास अब इन अधिकारियों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का अधिकार है। माना जा रहा है कि एजेंसी जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए तलब कर सकती है या साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर सकती है।

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