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BREAKING NEWS : CGPSC घोटाले में बड़ा एक्शन, पूर्व सचिव जेके ध्रुव के घर CBI की रेड

Media Yodha Desk Wed, Jun 3, 2026

रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के भर्ती घोटाले में आरोपी आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर आज सुबह सीबीआई की टीम ने दबिश दी है. यह दूसरा मौका है जब सीबीआई की टीम ध्रुव के निवास पर पहुंची है. जानकारी के अनुसार, सीबीआई की दो टीमों ने ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 स्थित निवास पर अल सुबह दबिश दी. टीम के सदस्य परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं. इस चर्ची भर्ती घोटाले में अब तक 29 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक शामिल हैं.

यह घोटाला 2020 से 2022 के बीच सामने आया था, जब सीजीपीएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं. अधिकारियों ने कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को फायदा पहुंचाने के लिए योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की. परिणामस्वरूप, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयनित होने वाले कई नाम सवालों के घेरे में आ गए. इस प्रक्रिया ने न केवल भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, बल्कि राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता को भी चुनौती दी. सरकार बदलने के बाद इस दिशा में जुलाई 2023 में कार्रवाई शुरू हुईं, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने 2020-22 की परीक्षाओं में पक्षपात के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंप दी.

सीबीआई की जांच के अनुसार, पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने नियमों में हेरफेर कर अपने परिजनों को लाभ पहुंचाया. उदाहरण के तौर पर, भतीजे के चयन को सुनिश्चित करने हेतु ‘रिश्तेदार’ शब्द को ‘परिवार’ में बदल दिया गया. इसी तरह, प्रश्न पत्रों का लीकेज कर परीक्षा पास करवाने के आरोप भी लगे हैं. आयोग के तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, आरती वासनिक और ललित गणवीर जैसे अधिकारियों पर भी पद के दुरुपयोग का इल्जाम है. सभी आरोपी फिलहाल रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं. गिरफ्तारियों की फेहरिस्त लंबी है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने टामन सिंह सोनवानी के अलावा बजरंग पावर इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, उप नियंत्रक ललित गणवीर, निशा कोसले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव समेत कई अन्य को हिरासत में लिया. इनमें से कई लोग जमानत पर रिहा भी हो चुके हैं.

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