भिलाई, छत्तीसगढ़ : भीषण गर्मी में भी वन्यजीवों को राहत दे रहा है मैत्री बाग ज़ू! जानिए क्या हैं खास इंतज़ाम
प्रदेश में अप्रैल की तेज़ गर्मी ने जहां इंसानों को परेशान कर दिया है, वहीं भिलाई के मैत्री बाग चिड़ियाघर में वन्यजीवों को राहत देने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। दुर्ग में पारा 44 डिग्री तक पहुंच चुका है, लेकिन मैत्री बाग ज़ू में शेर, बाघ, भालू और बंदर अब भी सुकून से हैं।
🐅 जानवरों के लिए "नेचुरल AC" जैसे इंतज़ाम
मैत्री बाग के प्रभारी डॉ. नवीन जैन के मुताबिक गर्मी को देखते हुए जानवरों के लिए कई नए उपाय किए गए हैं:
कृत्रिम शावर और पानी की बौछारें: सफेद बाघ, भालू जैसे बड़े जानवरों के पिंजरों पर घास की चटाइयां लगाई गई हैं, जिन्हें गीला करके ठंडी हवा का इंतज़ाम किया गया है।
भालू के लिए वाटरफॉल: भालू के पिंजरे की छत पर पानी का झरना बनाया गया है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है।
स्पेशल डाइट प्लान: बाघ और भालू को दिया जा रहा है ठंडा मांस, बंदरों को मिल रहा है तरबूज और खरबूजा।
🌿 छोटे वन्यजीवों के लिए भी खास व्यवस्था
टाइफा घास से छोटे जानवरों के केज को ढका गया है।
दिन में सूरज की तपिश के समय उन पर पानी का छिड़काव होता है ताकि केज ठंडा बना रहे।
डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
🎡 बच्चों के लिए भी है बहुत कुछ खास
गर्मी के बावजूद, मैत्री बाग ज़ू बच्चों और परिवारों के लिए एक शानदार डेस्टिनेशन बना हुआ है:
फ्लावर गार्डन, टॉय ट्रेन, बोटिंग, प्रगति मीनार और झूले बच्चों के आकर्षण का केंद्र हैं।
सफेद बाघ, शेर, लंगूर, हिरण, कछुआ, घड़ियाल जैसे दुर्लभ वन्यजीवों को देखने का अनोखा अनुभव यहां मिलता है।
📅 कब और कैसे जाएं मैत्री बाग?
घूमने का सही समय: अगस्त से मार्च
खुला रहता है: मंगलवार से रविवार, सुबह 10 बजे से शाम 7:30 बजे तक
संगीतमय शो: हर शनिवार और रविवार को शाम 7 बजे
टिकट फीस:
भारतीय नागरिक: ₹20
बच्चे (5 साल से ऊपर): ₹10
विदेशी पर्यटक: ₹20
मैत्री बाग का संचालन भिलाई इस्पात संयंत्र करता है। गर्मी के दिनों में सफाई और पानी की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
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