22nd June 2026

BREAKING NEWS

त्रिग्रही योग से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, धन-लाभ के प्रबल योग; जानिए 12 राशियों का दैनिक राशिफल

छत्तीसगढ़ HC की राज्य सरकार को सख्त फटकार, 6 महीने में नियुक्ति नहीं तो MBBS छात्रों का सर्विस बॉन्ड होगा खत्म

आज छत्तीसगढ़ दौरे पर राहुल गांधी, कांग्रेस जिलाध्यक्षों संग करेंगे अहम बैठक

स्टेपनी टायर में छिपाकर हो रही थी गांजा तस्करी, पुलिस ने 3 तस्करों को किया गिरफ्तार

मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने की लंबित अपराधों और कानून व्यवस्था की समीक्षा

Advertisment

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सेंध : नेता का सरेंडर, साथियों से कहा – अब हिंसा नहीं, विकास का रास्ता अपनाएं

Media Yodha Desk Sun, Nov 2, 2025

पखांजूर : नक्सल संगठन के शीर्ष कमांडर के सरेंडर के बाद बड़ा बयान सामने आया है। सुरक्षा बलों के अनुसार, इस वरिष्ठ नेता ने अपने सक्रिय साथियों से भी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगलों में चल रही इस लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जिनके नाम पर संगठन हिंसा का औचित्य पेश करता रहा। अपने बयान में उन्होंने स्वीकार किया कि नक्सल संगठन के भीतर वैचारिक संकट गहराता जा रहा है और अब समय आत्ममंथन का है, न कि बंदूक उठाने का। उनका कहना है कि बदलाव की लड़ाई जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जानी चाहिए।

सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल आंदोलन में अब तक की सबसे बड़ी वैचारिक दरार मान रही हैं। उनका अनुमान है कि नेतृत्व के भीतर उपजे इस टकराव से आने वाले महीनों में संगठन काफी कमजोर हो सकता है। हाल ही में इस शीर्ष कमांडर ने लगभग 60 सक्रिय नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण किया।

वह नक्सल संगठन की सर्वोच्च नीति-निर्माण इकाई का सदस्य था और दंडकारण्य क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण जोन की जिम्मेदारी संभालता था। संगठन की एक प्रमुख मिलिट्री यूनिट का नेतृत्व भी उसी के पास था, जो अबूझमाड़ के घने जंगलों से संचालित होती थी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन