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27 मौतें, 13 साल का इंतजार खत्म होने को तैयार, 31 अगस्त को झीरम कांड पर आएगा बड़ा फैसला

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Jhiram Ghati Case : 27 मौतें, 13 साल का इंतजार खत्म होने को तैयार, 31 अगस्त को झीरम कांड पर आएगा बड़ा फैसला

Media Yodha Desk Thu, Aug 13, 2026

Jhiram Ghati Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम कांड मामले में NIA की विशेष अदालत में चल रही सुनवाई पूरी हो गई है। तीन दिनों तक चली अंतिम बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत 31 अगस्त को मामले में फैसला सुनाएगी। अंतिम सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे।मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार से शुरू हुई। पहले दिन NIA की ओर से अंतिम तर्क पेश किए गए। इसके बाद मंगलवार को बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें अदालत के सामने रखीं। बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुनाने की तारीख 31 अगस्त तय कर दी। अब मामले से जुड़े पक्ष अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

झीरम कांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने की थी। NIA की रिपोर्ट के अनुसार हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 35 लोग घायल हुए थे। मामले में चार लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा माओवादी गतिविधियों से जुड़े कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया। जांच के दौरान NIA ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है और बाकी आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी थी। झीरम कांड को छत्तीसगढ़ के इतिहास की बड़ी राजनीतिक और सुरक्षा घटनाओं में गिना जाता है। लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ित परिवारों और राजनीतिक दलों की नजर अब 31 अगस्त को आने वाले अदालत के फैसले पर है।

25 मई 2013 को हुआ था झीरम हमला

झीरम कांड 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की झीरम घाटी में हुआ था। उस समय कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था। इसी दौरान घात लगाए माओवादियों ने काफिले पर हमला कर दिया था। हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ सुरक्षाकर्मी और आम लोग भी मारे गए थे। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल और बस्तर टाइगर के नाम से पहचाने जाने वाले महेंद्र कर्मा की भी इस हमले में मौत हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल समस्या को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे। 

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