7th August 2026

BREAKING NEWS

कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य, नौकरी पर पड़ेगा असर

असिस्टेंट-स्टेनोग्राफर समेत कई पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

अब TTE की हर हरकत कैमरे में होगी रिकॉर्ड, रायपुर मंडल के टिकट चेकर्स पहनेंगे बॉडी कैमरा

सिरदर्द और गले की खराश से ऐसे करें बचाव

CG के इस जिले में जल्द दौड़ेंगी 50 AC ई-बसें, रूट तय करने में जनता की होगी भागीदारी

Advertisment

छत्तीसगढ़ में हाथियों से छेड़खानी पड़ेगी भारी : अब 3 साल की जेल और 1 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान

Media Yodha Desk Fri, Jul 10, 2026

CG News: हाथी पर पत्थर फेंकने या पटाखा फोड़कर उकसाने पर अब 3 साल की जेल और 1 लाख रुपए जुर्माना होगा। प्रोजेक्ट एलिफेंट स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य मंसूर खान के अभ्यावेदन पर हाथियों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने नया एक्शन प्लान तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि हाथियों को सताने पर अब सीधे एफआईआर होगी। इस आदेश के बाद जंगली हाथियों को भगाने या खदेड़ने के नाम पर उन्हें प्रताड़ित करना भारी पड़ सकता है।

7 साल तक हो सकती है सजा

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक द्वारा सभी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षकों, वनमंडल अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है। विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि हाथियों को पत्थर मारने, पटाखे फोड़ने, तेज आवाज कर डराने या किसी भी प्रकार से प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके तहत 3 साल की जेल या 1 लाख रुपए तक जुर्माना या फिर दोनों सजाएं एक साथ हो सकती है। वहीं दोबारा गलती करते हुए पकड़े जाने पर सजा 7 साल तक हो सकती है।

डीएफओ को कार्रवाई के निर्देश

वन विभाग मुख्यालय द्वारा 17 जून 2026 को जारी पत्र में सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और कांकेर वृत्त के मुख्य वन संरक्षकों सहित उदंती-सीतानदी, अचानकमार टाइगर रिजर्व और गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्टीयरिंग कमेटी ऑफ प्रोजेक्ट एलिफेंट के सदस्य मंसूर खान के अभ्यावेदन और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के 15 जून 2026 के पत्र का ब्योरा दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि हाथियों को भगाने के नाम पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किए जाने से उनके व्यवहार में परिवर्तन आ सकता है। जिससे मानव-हाथी संघर्ष और जन-धन की हानि की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। हाथियों को अनावश्यक रूप से परेशान होने से रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी वनमंडलों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक निगरानी और रोकथाम के निर्देश भी दिए गए हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन