महासमुंद : शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी, किताबों का इंतजार जारी
पूरे छत्तीसगढ़ में सोमवार को शाला प्रवेश उत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। बच्चों ने नए सत्र के पहले दिन स्कूल पहुंचकर खूब खुशियां मनाईं। हालांकि कई स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को किताबें पूरी तरह नहीं मिल पाईं, जिससे बच्चे थोड़े निराश दिखे। शिक्षा विभाग का कहना है कि जल्द ही सभी विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
1 लाख से ज्यादा बच्चों को किताबों का इंतजार
महासमुंद जिले के 1768 प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में कुल 1 लाख 7 हजार 366 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 1276 प्राथमिक और 492 माध्यमिक स्कूल हैं। सभी बच्चों के लिए 1 लाख 38 हजार 466 किताबों के सेट की जरूरत है। फिलहाल कुछ कक्षाओं और विषयों की किताबें ही स्कूलों तक पहुंच पाई हैं।
बच्चों की उत्सुकता
शासकीय प्राथमिक शाला खट्टी की छात्रा चांदनी पटेल और कक्षा अंजुम ने बताया, "हम नई किताबों के इंतजार में स्कूल आए थे। पेन और कॉपी लेकर आए हैं ताकि जो भी सर-मैडम पढ़ाएं, उसे कॉपी में लिख लें।"
शिक्षक और अधिकारियों का आश्वासन
सहायक शिक्षक सिराज बक्श ने बताया कि "नया सत्र शुरू हो चुका है। जब तक नई किताबें नहीं आतीं, तब तक पुराने सत्र की किताबों से पढ़ाई कराई जाएगी। पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं है, इसलिए बच्चों को दिक्कत नहीं होगी।"
वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा ने कहा कि जल्द ही सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएंगी। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने भी जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा के बाद उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है।
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