छत्तीसगढ़ : धनेली गांव के आधा दर्जन परिवारों पर मकान गिराने का खतरा, पंचायत के फरमान से डरे-सहमे लोग
admin Fri, Jun 13, 2025
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के धनेली गांव में आधा दर्जन परिवार इन दिनों ग्राम पंचायत के नोटिस से परेशान हैं। इन परिवारों पर मकान अवैध तरीके से बनाने का आरोप लगाते हुए मकान गिराने का फरमान सुनाया गया है। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।
🏠 प्रसूता महिला और दिव्यांग पर संकट:
पीड़ितों का कहना है कि उनके घरों में गर्भवती महिला और एक दिव्यांग सदस्य हैं। ऐसे में यदि मकान गिराए जाते हैं तो वे बरसात के इस मौसम में कहां जाएंगे।
पीड़ित जगदीश कुमार साहू ने कहा,
"हमने अपनी जिंदगी की पूरी जमा-पूंजी से पक्का मकान बनाया है। मेरी पत्नी गर्भवती है। नोटिस मिलने के बाद से हमारी नींद उड़ गई है।"
वहीं, पीड़ित लक्ष्मी देवी का कहना है कि,
"हमें बताया जा रहा है कि हमारा घर गोठान की जमीन पर है जबकि हम गोठान से काफी दूर रह रहे हैं। सालों से यहां रह रहे हैं।"
📝 नोटिस पर ग्रामीणों का सवाल:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे गांव में 70% से ज्यादा मकान अवैध हैं, लेकिन नोटिस केवल इन्हीं 6 परिवारों को दिया गया है। कुछ परिवारों ने दावा किया कि उन्हें पीएम आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ है। ऐसे में जमीन अवैध कैसे हो सकती है?
🏛️ प्रशासन का पक्ष:
इस मामले में एसडीएम राम सोनकर ने कहा,
"पंचायत की ओर से नोटिस दिया गया है। पूरे मामले का निरीक्षण किया जाएगा और तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है। उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।"
🔍 ग्राम पंचायत का जवाब अभी बाकी:
जिन परिवारों को नोटिस मिला है, उनमें अधिकांश लोग मजदूरी करते हैं। पंचायत या जिला पंचायत सीईओ की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
📌 मुख्य बिंदु:
✔️ धनेली गांव के 6 परिवारों को घर तोड़ने का नोटिस
✔️ पीड़ितों में प्रसूता महिला और दिव्यांग सदस्य भी
✔️ ग्रामीण बोले- 70% मकान अवैध, फिर हमें ही क्यों टारगेट किया?
✔️ प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया
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