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: प्रकाश उत्सव पर शहर में निकला भव्य नगर कीर्तन

admin Thu, Nov 14, 2024

प्रकाश उत्सव के पावन अवसर पर सिख धर्म के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के सम्मान में बुधवार को शहर में भव्य नगर कीर्तन और शोभायात्रा का आयोजन हुआ। यह नगर कीर्तन गुरु ग्रंथ साहिब के नेतृत्व में पंज प्यारे और कीर्तन मंडली के साथ निकाला गया। इस शोभायात्रा की शुरुआत मकई चौक स्थित गुरुद्वारा से हुई, जो शहर के मुख्य मार्गों जैसे गोलबाजार, चमेली चौक, गांधी मैदान, शिव चौक, रत्नाबंधा से होते हुए नगर कीर्तन गुरुद्वारा में समाप्त हुई।

इस दौरान विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने नगर कीर्तन का स्वागत फूलों की वर्षा कर किया, और श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में मिठाई बांटी गई। श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व 15 नवंबर को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस पर्व के पूर्व सिख समुदाय द्वारा नगर कीर्तन का आयोजन किया गया जिसमें पंज प्यारे विशेष आकर्षण का केंद्र बने। पूरे नगर कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं में अद्वितीय उत्साह देखा गया। आतिशबाजी की चमक ने शोभायात्रा में विशेष रंग भरे। शोभायात्रा में युवा सबसे आगे चल रहे थे, उनके पीछे समुदाय के प्रमुख लोग थे। तीसरी पंक्ति में श्री गुरु नानक देव जी की भव्य तस्वीर एक सजी-धजी रथ पर रखी गई थी। शोभायात्रा में पंज प्यारे अपने विशेष निशान के साथ शामिल थे, जिनके प्रति आदर प्रकट करते हुए समुदाय की युवतियाँ और बच्चे रास्ते को साफ कर रहे थे। महिलाओं ने शोभायात्रा के अंतिम भाग में भक्ति भरे कीर्तन गाए। बैंड की धुन पर निकली यह शोभायात्रा सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। अन्य समुदायों और संस्थाओं ने विभिन्न स्थानों पर इस शोभायात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। प्रकाश पर्व की तिथि, कार्तिक पूर्णिमा, पर गुरु नानक देव जी का जन्मोत्सव बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। श्री गुरु नानक देव जी को सिख धर्म के संस्थापक के रूप में सम्मानित किया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा और प्रकाश पर्व के इस पावन अवसर पर गुरुद्वारों को विशेष रूप से सजाया जाता है, जहाँ गुरु वाणी का पाठ और विशाल लंगर का आयोजन किया जाता है। इस प्रकार, यह पर्व सिख समुदाय के लिए श्रद्धा, एकता और सेवा का प्रतीक है, और पूरे शहर में एक विशेष उत्सव का माहौल बनाता है।

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