छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ी बिजली की दरें : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ी बिजली की दरें, घरेलू उपभोक्ताओं को 20 पैसे प्रति यूनिट का झटका
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। राज्य में एक बार फिर बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा अब कितना देना होगा बिजली का बिल?
उपयोग (यूनिट) | पुरानी दर (₹) | नई दर (₹) |
|---|---|---|
0–100 यूनिट तक | ₹3.90 | ₹4.10 |
101 यूनिट से ऊपर | उसी अनुपात में बढ़ोतरी लागू |
बिजली की नई दरें जुलाई 2025 से लागू मानी जाएंगी और अगस्त माह के बिल में बढ़ोतरी का असर दिख सकता है। बिजली कंपनियों का क्या कहना है?
छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSPDCL) ने विद्युत नियामक आयोग को दिए प्रस्ताव में कहा था कि:
कंपनी को हर साल लगभग ₹4900 करोड़ का घाटा हो रहा है।
पिछले साल 2024 में भी कंपनी ने ₹4500 करोड़ के नुकसान का हवाला देकर जून में 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की थी।
इसी तर्ज पर 2025 के लिए भी घाटा दर्शाते हुए जुलाई में टैरिफ फिर से संशोधित किया गया। क्या बोले आयोग अध्यक्ष?
"हमें बिजली कंपनियों का प्रस्ताव मिला था जिस पर व्यापक विचार किया गया और उसी के अनुसार नए रेट निर्धारित किए गए हैं।"
— हेमंत वर्मा, अध्यक्ष, विद्युत नियामक आयोगकृषि और व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर भी असर
कॉमर्शियल उपभोक्ताओं (दुकान, उद्योग आदि) और
कृषि उपभोक्ताओं को भी बढ़े हुए शुल्क का भुगतान करना होगा।
हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं की तुलना में उनके स्लैब और दरें अलग-अलग तय की गई हैं। जनसुनवाई से लेकर फैसला तक: टाइमलाइन
20 जून 2025: जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई
11 जुलाई 2025: विद्युत नियामक आयोग ने नया टैरिफ घोषित किया
अगस्त 2025: उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिल मिलेगा आगे क्या? क्या राहत की उम्मीद है?
बिजली उपभोक्ताओं की ओर से बार-बार यह मांग उठती रही है कि:
टैरिफ बढ़ोतरी को धारावाहिक न किया जाए,
घाटे के वैकल्पिक समाधान निकाले जाएं, और
गरीब और सीमित उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को राहत दी जाए
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