27th April 2026

BREAKING NEWS

छत्तीसगढ़ में मौसम का डबल अटैक - कहीं झुलसाती गर्मी, तो कहीं बारिश से राहत; रायपुर में पारा 45 डिग्री पार...

आज कुछ के लिए मौके तो कुछ के लिए होगा परीक्षा का समय, जानें सोमवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा

भिलाई में एक और सनसनीखेज हत्या, बुजुर्ग ने युवक को उतारा मौत के घाट, इलाके में दहशत

खेत के पेड़ में डबल सुसाइड, लटकी हुई मिली युवक और महिला की लाशें

NEET एग्जाम को लेकर बड़ा अपडेट, एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले जान लें जरूरी नियम

Advertisment

CG News : छत्तीसगढ़ के सभी मेडिकल स्टोर्स में अब अनिवार्य होगा दवा दुष्प्रभाव सूचना QR कोड, विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए

Media Yodha Desk Sun, Nov 30, 2025

रायपुर : छत्तीसगढ़ में 10 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारत सरकार के आदेश के अनुसार अपने प्रतिष्ठान में दवाओं के संभावित दुष्प्रभाव की जानकारी के लिए विशेष QR कोड और पीवीपीआई टोल-फ्री नंबर 1800-180-3024 की रंगीन प्रति अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें. विभाग ने कहा है कि यह सूचना ऐसी जगह पर लगाई जाए, जहां ग्राहकों की नजर आसानी से पड़ सके, ताकि अगर दवा लेने के बाद किसी व्यक्ति को कोई रिएक्शन होता है तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सके.

केंद्र के निर्देश के बाद पहली बार लागू हो रही व्‍यवस्‍था

केंद्र के निर्देश पर इस तरह की व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है. कई बार दवाओं का असर हर व्यक्ति पर अलग होता है और समय पर की गई रिपोर्टिंग से जोखिम कम किए जा सकते हैं. अब आम जनता हेल्पलाइन पर कॉल कर या QR कोड स्कैन कर सीधे अपनी समस्या की जानकारी दे सकेगी, जिसे आगे संबंधित अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद टीम दवा के दुष्प्रभाव के कारणों की जांच करेगी और जरूरी कार्रवाई भी की जाएगी.

आम उपभोक्‍ताओं काे मिलेगी समय पर चिकित्सा सलाह

इस कदम से आम उपभोक्ताओं को समय पर चिकित्सा सलाह मिल सकेगी, दवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सकेगी और लोग स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे. यह पहल भारत सरकार के फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (PVPI) के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुष्प्रभावों की निगरानी करना है.

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी भीष्म देव सिंह के अनुसार, स्टोर्स पर QR कोड और हेल्पलाइन नंबर लगाने का काम जारी है और दवाओं की वजह से किसी तरह की समस्या होने पर जांच तुरंत की जाएगी, जिससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन