सरेंडर नक्सली बनेंगे आत्मनिर्भर : दंतेवाड़ा प्रशासन ने थामा हाथ | Skill Development से बदलेगा भविष्य
admin Fri, May 30, 2025
दंतेवाड़ा | 30 मई 2025: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र, खासकर दंतेवाड़ा में नक्सल प्रभावित इलाकों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। एक समय था जब युवा बंदूक थामकर जंगल की राह पकड़ते थे, आज वही युवा अब सुई, कंप्यूटर और किताबों से अपना भविष्य संवारने में जुटे हैं।
🌱 नया जीवन, नई शुरुआत: नक्सली अब बन रहे हैं स्किल्ड प्रोफेशनल
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के प्रयासों और सरेंडर एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को लाइवलीहुड कॉलेज में विभिन्न स्किल डेवलपमेंट कोर्सेस की ट्रेनिंग दी जा रही है।
👩🎓 महिलाएं जहां सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटीशियन कोर्स कर रही हैं, वहीं
👨💻 युवक कंप्यूटर कोर्स, इलेक्ट्रिकल, मोबाइल रिपेयरिंग और अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण में जुटे हैं।
📍 विकास की नई राह: प्रशासन बना मजबूत साथी
"पहले मुझे कोई काम नहीं आता था। अब सीखने की धुन सवार हो गई है।" — छात्र, लाइवलीहुड कॉलेज
68 युवक-युवतियां वर्तमान में ट्रेनिंग ले रहे हैं
कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ क्लास में आ रही हैं
पढ़ाई छोड़ चुके कई युवा अब अफसर बनने का सपना देख रहे हैं
🎯 इन युवाओं का कहना है कि अब उन्हें समझ आ चुका है कि नक्सलवाद ने सिर्फ उन्हें भटका कर रखा, जबकि असली ताकत शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता में है।
📋 प्रशासन की योजनाएं: कागज़ी काम से लेकर खाता खुलवाने तक
एडिशनल एसपी आरके बर्मन ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादियों और हिंसा पीड़ित परिवारों को:
आधार कार्ड, पैन कार्ड बनाए जा चुके हैं
बैंक अकाउंट खुलवाए गए हैं
सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है
यह सब मुख्यधारा में लाने और आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल का हिस्सा है।
🕊️ बस्तर में अब विकास की गूंज
"हम नक्सलवाद नहीं, शांति और विकास का रास्ता चुनना चाहते हैं।" — छात्रा, लाइवलीहुड कॉलेज
दंतेवाड़ा मॉडल आज पूरे देश में एक उदाहरण बनता जा रहा है कि अगर सरकार की नीयत साफ हो और नीति मजबूत, तो बंदूक छोड़ने वाले हाथ कल समाज निर्माता बन सकते हैं।
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