जशपुर (छत्तीसगढ़) : जशपुर में शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बना विवाद का कारण, शिक्षक संघों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
जशपुर (छत्तीसगढ़): जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को शासकीय आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में जहां शिक्षा विभाग ने व्याख्याता वर्ग के शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संघों के साझा मोर्चा ने अनिश्चितकालीन धरना और विरोध प्रदर्शन आरंभ कर दिया।
📝 शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पीके भटनागर को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षक संघों ने मांग की है कि:
युक्तियुक्तकरण के बाद रिक्त पदों की सूची सार्वजनिक की जाए
काउंसलिंग प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए
प्रभावित शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिले
📢 2008 के सेटअप को यथावत रखने की मांग
शिक्षक संघों का कहना है कि 2008 में स्वीकृत स्टाफिंग पैटर्न को बिना संशोधन के लागू किया जाए। वे युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के गलत क्रियान्वयन और स्थानांतरण के आधारों पर सवाल उठा रहे हैं।
👥 धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए सैकड़ों शिक्षक
रणजीता स्टेडियम के पास सुबह से ही जिलेभर के शिक्षक एकत्र होने लगे थे। दोपहर करीब 2 बजे शिक्षक रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए काउंसलिंग स्थल पहुंचे और वहां विरोध जताया।

💬 शिक्षकों की प्रमुख आपत्तियाँ
अजय गुप्ता, संयुक्त मोर्चा सदस्य: “हम युक्तियुक्तकरण के खिलाफ नहीं हैं, हम उसकी प्रक्रिया में हो रही मनमानी का विरोध कर रहे हैं।”
तरन्नुम, महिला शिक्षक: “बारिश और असुरक्षा के बीच महिलाएं और बच्चे धरना स्थल पर हैं, प्रशासन जिम्मेदार रहेगा अगर कोई अप्रिय घटना घटती है।”
✅ प्रशासन का पक्ष
DEO पीके भटनागर ने कहा:
"हम प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से कर रहे हैं। पहले दिन 225 शिक्षकों की काउंसलिंग सफलतापूर्वक की गई है। शिक्षक प्रतिनिधियों की मांगों पर कलेक्टर से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।”
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