21st April 2026

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जगदलपुर : बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी में फिर लौटी रौनक, किसानों को मिली राहत; अब बनेगा बड़ा एक्शन प्लान

बस्तर की कृषि और जीवन का आधार मानी जाने वाली इंद्रावती नदी अब जल संकट से उबरने लगी है। कई महीनों से नदी का जलस्तर गिरने से जहां किसानों की फसलें तबाह हुईं, वहीं अब छत्तीसगढ़ और ओडिशा सरकार की पहल के बाद नदी में पानी का स्तर बढ़ा है। खातीगुड़ा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद किसानों को फौरी राहत मिल गई है। अब बस्तर के लोग और विशेषज्ञ चाहते हैं कि इस नदी के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक कदम उठाए जाएं।


किसानों की मांग: बने बैराज, नदी बचे

  • बस्तर के किसान पुरन कश्यप ने कहा,

    "जल संकट ने हमारी खेती चौपट कर दी थी, अब सरकार को मटनार, देउरगांव, नगरनार और भोंड में बैराज बनाकर नदी को बचाना चाहिए।"


🌱 इंद्रावती बचाओ आंदोलन के सुझाव

  • आंदोलन से जुड़े किशोर पारेख ने कहा कि नदी के किनारे वृक्षारोपण और छोटे-छोटे डैम बनाए जाने चाहिए।

  • जलसंसाधन, वन और खनिज विभाग को मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि नदी का जलस्तर बना रहे।

  • छोटे एनीकेट में रेत जमा होने से रेत तस्करी बढ़ती है, इसे रोकना जरूरी है।


🌎 भूगर्भशास्त्री का अलर्ट: बोरवेल पर लगाम जरूरी

  • अमितांशु झा ने कहा कि हजारों बोरवेल के अंधाधुंध उपयोग से नदी का जलस्तर गिर रहा है।

  • उनके मुताबिक,

    "बड़े बांधों के साथ छोटे डैम और वर्षा जल संग्रहण से नदी में पानी रोका जा सकता है।"


🐅 बस्तर की जैव विविधता भी इंद्रावती पर निर्भर

  • वरिष्ठ पत्रकार अविनाश प्रसाद ने बताया कि

    "बस्तर के जंगल, जीव-जंतु और गांवों की रौनक इंद्रावती नदी पर टिकी है। यहां के लोग मां के बाद इंद्रावती का नाम लेते हैं।"


🏞️ सरकार ने किया दो बैराज बनाने का ऐलान

  • बस्तर के कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि नदी के संरक्षण के लिए दो बैराज बनाने का निर्णय हो चुका है।

  • साथ ही जोरानाला की समस्या का भी स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

  • कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि

    "इंद्रावती नदी को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।"


🚀 अब क्या होगा?

  • जानकारों का कहना है कि इंद्रावती नदी के लिए दीर्घकालीन योजना जरूरी है।

  • सभी विभाग मिलकर काम करें तो नदी को फिर से पूरे साल पानीदार रखा जा सकता है।

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