21st April 2026

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गौरेला-पेंड्रा, छत्तीसगढ़: : चार महीने से अंधेरे में डूबा बरवासन गांव, ट्रांसफार्मर टूटा, बिजली विभाग का इंतजार जारी

जहां एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार ‘सुशासन तिहार’ मना रही है और लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान का भरोसा दे रही है, वहीं दूसरी ओर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के बरवासन गांव के लोग चार महीने से बिजली के बिना जीवन जीने को मजबूर हैं।


नए साल पर टूटा उम्मीदों का ट्रांसफार्मर

29 दिसंबर 2024 की रात जब पूरा देश नए साल की तैयारी में था, उस वक्त बरवासन गांव का ट्रांसफार्मर तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया। बस स्टैंड के पास लगा बिजली खंभा और ट्रांसफार्मर दोनों चकनाचूर हो गए। उसके बाद से पूरे गांव में अंधेरा छा गया, जो अब तक नहीं छटा है।


💡 लो वोल्टेज वाली तात्कालिक व्यवस्था बनी परेशानी का कारण

कुछ दिन बाद ग्रामीणों को करीब डेढ़ सौ मीटर दूर से एक वैकल्पिक कनेक्शन तो दिया गया, लेकिन उससे बिजली की आपूर्ति इतनी कमजोर है कि बल्ब तो जलता है, लेकिन पंखा, पंप, फ्रिज जैसे जरूरी उपकरण नहीं चल पाते।


🚰 पानी की भी मार – दो किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा

बिजली न होने से बोरिंग पंप नहीं चल पा रहा है, जिससे 40 परिवारों वाले इस गांव के लोग पीने और निस्तारी के पानी के लिए दो किलोमीटर दूर तक जाने को मजबूर हैं।
गर्मी में हालात और भी बिगड़ चुके हैं – बुजुर्ग और बच्चे तेज लू से बेहाल हैं।


🗣️ गांववालों की गुहार – “बस अब काम हो जाए”

  • भगवान दास (पूर्व सरपंच) कहते हैं:
    "हमारे गांव का ट्रांसफार्मर टूट गया, जो लाइन मिली है वो पर्याप्त नहीं है। अधिकारी सिर्फ कहते हैं होगा-होगा, लेकिन आज तक कुछ हुआ नहीं।"

  • गोपाल सिंह उदय (ग्रामीण) का कहना है:
    "कई बार आवेदन दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। जो बिजली मिली है उससे कुछ नहीं चल रहा।"


🏢 विभाग की प्रतिक्रिया – अब होगी कार्रवाई

जब मीडिया ने इस समस्या की जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कनिष्ठ अभियंता सीपी गढ़वाल ने कहा:
“ग्रामीणों को बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था दी गई थी, लेकिन गर्मी बढ़ने पर यदि परेशानी हो रही है, तो पुराना ट्रांसफार्मर जल्द बदला जाएगा।


🔎 क्या सुशासन तिहार में मिलेगा गांव को उजाला?

बरवासन गांव की समस्या सरकार के ‘सुशासन तिहार’ की भावना को चुनौती दे रही है। जहां एक ओर सरकार जनता से उनकी समस्याएं पूछ रही है, वहीं इस गांव की आवाज़ चार महीने से अनसुनी रही है। अब देखना यह है कि क्या सुशासन का उजाला वाकई इस गांव तक पहुंचेगा?


📌 मुख्य बिंदु (Highlights):

  • ट्रांसफार्मर डंपर से टकराकर 29 दिसंबर 2024 को टूटा

  • चार महीने से गांव में लो वोल्टेज की अस्थायी व्यवस्था

  • दो किलोमीटर दूर जाकर लाना पड़ रहा है पीने का पानी

  • गर्मी में बुजुर्ग और बच्चों की हालत बिगड़ रही

  • अधिकारियों का दावा – ट्रांसफार्मर जल्द बदला जाएगा

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