बालोद/छत्तीसगढ़: : बालोद शराब दुकान विवाद: कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज दिखाकर मांगी निष्पक्ष जांच
बालोद जिले के गुरूर अंग्रेजी शराब दुकान में हाल ही में हुई उड़नदस्ता जांच के बाद पांच कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। आरोप था कि दुकान में बिक रही 'आफ्टर डार्क' ब्रांड की शराब में तय मानक से कम अल्कोहल पाई गई। लेकिन अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कर्मचारियों ने दुकान का सीसीटीवी फुटेज जारी कर खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
दुकान के सुपरवाइजर अमित पटेल का कहना है कि जो शराब की बोतलें जांच के दौरान खोली गईं, वे पहले से सील लगी थीं। सीसीटीवी फुटेज में भी साफ दिख रहा है कि अधिकारी खुद इन बोतलों के ढक्कन खोलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन ढक्कन खुल नहीं रहा। ऐसे में सवाल है कि जब बोतल खुली ही नहीं तो उसमें मिलावट कैसे हो सकती है?
नौकरी गई, बदनामी मिली : कर्मचारी
ब्लैकलिस्ट किए गए कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न केवल नौकरी से हाथ धोना पड़ा बल्कि उनकी छवि भी खराब की गई। सेल्समेन हुमेश साहू ने कहा कि सप्लाई ऊपर से आती है और मिलावट करना संभव नहीं है। हमने किसी भी बोतल को न छेड़ा न खोला, फिर भी कार्रवाई हम पर की गई। कर्मचारियों ने इस मामले में न्यायालय जाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जिला आबकारी विभाग का पक्ष
इस मामले पर जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि जांच संभाग उपायुक्त द्वारा गठित टीम ने की थी। शराब में तय मानक से कम अल्कोहल पाए जाने के आधार पर कार्रवाई की गई है। कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियम के तहत है।
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