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Chhattisgarh liquor scam case : अनिल टुटेजा को जमानत, शर्त- किसी अधिकारी से नहीं करेंगे संपर्क, छत्तीसगढ़ से रहेंगे बाहर

Media Yodha Desk Mon, May 18, 2026

Chhattisgarh liquor scam case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आरोपी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत दे दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि टुटेजा को 21 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वह तब से न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने टिप्पणी की कि टुटेजा के खिलाफ करीब 85 गवाहों से पूछताछ की जानी बाकी है और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोप गंभीर जरूर हैं, लेकिन उनकी सच्चाई ट्रायल के दौरान ही तय होगा।

आरोपी को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार, अनिल टुटेजा जमानत पर रिहा होने के बाद राज्य से बाहर रहेंगे और किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे। इसके अलावा, वह गवाहों को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। ईडी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी का अनुमान है कि इस अवैध धंधे से करीब तीन हजार करोड़ रुपए की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ईडी के अनुसार, इस घोटाले की जांच में एक संगठित सिंडिकेट का पता चला, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे। सिंडिकेट ने शराब की नीति को कमजोर करके अवैध तरीकों से पैसा कमाया।

ईओडब्ल्यू/एसीबी के आरोप पत्रों के अनुसार, इस घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की कुल धनराशि लगभग 2,883 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। ईडी ने अब तक पीएमएलए की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के एक उप सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं।

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