14th August 2026

BREAKING NEWS

जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना; देखें पूरी लिस्ट

स्वतंत्रता दिवस से पहले 101 आजीवन कैदियों को मिली आजादी, अच्छे आचरण पर शासन ने किया रिहा

भारत-श्रीलंका मुकाबला कब और कितने बजे होगा शुरू? नोट कर लें मैच की टाइमिंग

चमोली टनल हादसे में छत्तीसगढ़-झारखंड के 7 मजदूरों की मौत, 11 घायल… 6 अब भी लापता

PM मोदी के भावुक पोस्ट ने छुआ लोगों का दिल, पढ़ें क्या लिखा

Advertisment

Chhattisgarh : पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार अलर्ट मोड में, कृषि व्यवस्था पर खास नजर

Media Yodha Desk Thu, Apr 2, 2026

रायपुर : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। आयातित खाद पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर खरीफ सीजन 2026 के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक मिल सके। सरकार के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। वर्तमान में राज्य के गोदामों और समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिससे शुरुआती जरूरतों को पूरा करने की तैयारी है।

हाल ही में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ की स्थिति भी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार राज्य को आवंटित कुल उर्वरकों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं। वहीं 30 मार्च 2026 की स्थिति में उपलब्ध स्टॉक में भी इन सभी उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, जिससे किसानों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है।

संभावित कमी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसके तहत जैविक खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनियमितता पर रोक लगेगी। इसके अलावा कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन