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महिला से छेड़छाड़ और आदिवासी महिला का अपमान : आरोपी बनशु यादव को 2-2 साल का सश्रम कारावास

Media Yodha Desk Fri, Sep 26, 2025

मुंगेली : महिला को अपमानित करने की नियत से बिना सहमति के छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को पुलिस विवेचना मे मजबूत साक्ष्य पेश करने, पीड़िता, गवाहों के आधार पर न्यायालय ने किया दण्डित

दिनांक 25.09.2025 को छेड़छाड़ व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (1) (ब), 3 (2) (क) के आरोपी बनशु उर्फ बनस यादव को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास और ₹2000- 2000 के अर्थदंड से माननीय सत्र न्यायालय मुंगेली ने किया दण्डित

मामला चौकी खुड़िया थाना लोरमी के अपराध क्रमांक 101/23 से संबंधित है। आरोपी ने प्रार्थिया/पीड़िता (शिकायतकर्ता) को अनुसूचित जनजाति की सदस्या जानते हुए, उसे अपमानित करने की नीयत से छेड़छाड़ की थी। महिला/पीड़िता को आरोपी के द्वारा गलत नियत से हाथ और बांह को पकड़ा और स्पर्श किया था। जिस पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री नवनीत पाटिल के द्वारा उत्कृष्ट विवेचना कर मजबूत सबुत (दस्तावेज), साक्ष्य एकत्रित कर चालान माननीय न्यायालय पेश कर पीड़िता, गवाहों तथा पुलिस विवेचना साक्ष्यों के आधार तथा मामले को संदेह से परे प्रमाणित पाए जाने से मान. न्यायालय के द्वारा आरोपी बनशु उर्फ बनस यादव को सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक मुंगेली श्री रजनीकांत सिंह ठाकुर के द्वारा पैरवी की। आरोपी बनशु उर्फ बनस यादव पुर्व से ही मुंगेली जेल मे निरूद्ध है।

यह फैसला दिनांक 25.09.2025 को करने पर माननीय सत्र न्यायाधीश मुंगेली पीठासीन श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी ने महिला से छेड़छाड़ और अनुसूचित जनजाति की सदस्या को अपमानित करने के प्रकरण मे आरोपी बनशु उर्फ बनस यादव (उम्र 38 वर्ष), पिता जगत राम यादव, निवासी ग्राम लमनी, चौकी खुड़िया, थाना लोरमी को भारतीय दंड विधान की धारा 354 (छेड़छाड़) के तहत आरोप में 02 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से एवं 2000 (दो हजार) रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया । अर्थदण्ड की व्यतिक्रम पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगताई जावे। आरोपी को अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (1) (ब), 3 (2) (क) के दोनों आरोप में क्रमशः 02-02 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से एवं 2000-2000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। अर्थदण्ड की व्यतिक्रम पर 06-06 माह के अतिरिक्त कारावास से दंडित किया गया।

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