नारायणपुर : अबूझमाड़ मुठभेड़: भारत की सबसे बड़ी नक्सली कार्रवाई, 10 करोड़ के इनामी माओवादी समेत 27 ढेर
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के गोटेर इलाके में सुरक्षा बलों ने एक ऐतिहासिक और बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के मोस्ट वांटेड माओवादी नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू समेत 27 इनामी माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
🔍 बसवराजू की मौत से माओवादी संगठन को तगड़ा झटका
नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू, जो कि माओवादी संगठन का जनरल सेक्रेटरी था, उस पर अकेले 10 करोड़ रुपये का इनाम था। वह आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से देशभर के सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसकी मौत से माओवादी नेटवर्क की कमर टूटने की बात कही जा रही है।
💣 सभी मारे गए माओवादी PLGA कंपनी नम्बर 7 से जुड़े थे
बस्तर IG सुंदरराज पी ने मारे गए माओवादियों की पहचान की पुष्टि की है। सभी 27 माओवादी PLGA (People’s Liberation Guerrilla Army) की कंपनी नंबर 7 के सक्रिय सदस्य थे। ये सभी बस्तर क्षेत्र में कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं और इन पर कुल 12 करोड़ 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
📝 करोड़ों के इनामी नक्सलियों की सूची जारी
बस्तर रेंज पुलिस द्वारा जो सूची जारी की गई है, उसके अनुसार 10 करोड़ से लेकर 8 लाख रुपये तक के इनाम वाले माओवादी इस मुठभेड़ में मारे गए। नीचे कुछ प्रमुख नाम और उनका विवरण दिया गया है:
नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू – जनरल सेक्रेटरी, निवासी श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश), 10 करोड़ रुपये इनाम
जंगू नवीन उर्फ मधु – DKSZC, 25 लाख इनाम, निवासी तेलंगाना
संगीता, भूमिका, रोशन उर्फ टीपू, सोमली उर्फ सजन्तिन – सभी 10 लाख रुपये के इनामी, निवासी तेलंगाना और बीजापुर
बाकी 21 माओवादी – प्रत्येक पर 8 लाख रुपये का इनाम, ये बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, पश्चिम बस्तर और अन्य क्षेत्रों से सक्रिय थे
इन सभी नक्सलियों पर पुलिस, CRPF और अन्य बलों पर हमलों, IED विस्फोटों, जवानों की हत्या और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप थे।
📍 मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
21 मई को अबूझमाड़ के गोटेर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद DRG, STF, CRPF और COBRA कमांडो की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में बलों ने रणनीतिक कार्रवाई करते हुए सभी को मार गिराया।
🛡️ सुरक्षा बलों की सतर्कता और रणनीति की जीत
इस ऑपरेशन में किसी भी सुरक्षाकर्मी के हताहत होने की खबर नहीं है, जो फोर्स की सतर्कता, प्रशिक्षण और मजबूत खुफिया तंत्र का प्रमाण है। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और कई हथियार, विस्फोटक और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
📌 IG सुंदरराज पी का बयान
बस्तर IG सुंदरराज पी ने मीडिया को बताया कि मुठभेड़ में मारे गए सभी माओवादी पीएलजीए कंपनी नंबर 7 से जुड़े थे और इनकी लंबे समय से तलाश थी। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए बहुत अहम है और यह माओवादी नेटवर्क को अंदर से तोड़ने में निर्णायक साबित होगी।
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