ऑपरेशन डायरेक्ट स्ट्राइक : बीजापुर के जंगलों में माओवादी नेटवर्क पर बड़ा हमला, सुधाकर-भास्कर समेत 7 ढेर
admin Mon, Jun 9, 2025
तीन दिन का ऑपरेशन बना नक्सलवाद पर निर्णायक हमला
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चल रहे हालिया नक्सल विरोधी अभियान ने माओवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को ऐतिहासिक सफलता दिलाई है। 5 से 7 जून 2025 के बीच नेशनल पार्क क्षेत्र में हुई सघन मुठभेड़ों में कुल 7 नक्सली ढेर किए गए, जिनमें संगठन के दो बड़े नेता – सुधाकर उर्फ गौतम और भास्कर शामिल हैं। सुधाकर माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था, जबकि भास्कर तेलंगाना राज्य कमेटी का बड़ा चेहरा माना जाता था। इनकी मौत को सुरक्षा एजेंसियों ने ‘डायरेक्ट स्ट्राइक’ बताया है।
ऑपरेशन में मिली पहली बड़ी सफलता: सुधाकर की मौत
5 जून को सुरक्षाबलों को पहली निर्णायक सफलता तब मिली जब मुठभेड़ के बाद सेंट्रल कमेटी मेंबर सुधाकर का शव बरामद किया गया। सुधाकर को माओवादी रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता था, जो बीते दो दशकों से जंगलों में सक्रिय था। उसके मारे जाने को माओवादी नेटवर्क पर बड़ा धक्का माना जा रहा है।
भास्कर की भी विदाई: माओवादियों की रीढ़ टूटी
6 जून को सुरक्षाबलों को तेलंगाना स्टेट कमेटी के सदस्य भास्कर का शव मिला। भास्कर छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सीमाई इलाकों में माओवादी नेटवर्क का संचालन करता था। वह माओवादियों के लॉजिस्टिक और हथियार आपूर्ति तंत्र का मुख्य संचालक माना जाता था।
5 अन्य माओवादी भी ढेर: दो महिलाएं, तीन पुरुष
सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन के दौरान दो महिला और तीन पुरुष माओवादियों के शव भी बरामद किए हैं। इनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन फॉरेंसिक जांच, इंटेलिजेंस इनपुट और सरेंडर कर चुके माओवादियों की मदद से पहचान की प्रक्रिया जारी है। इनकी पहचान नक्सल नेटवर्क के बचे हुए ढांचे को समझने में अहम साबित हो सकती है।
हथियारों का ज़खीरा: दो AK-47, पिस्तौल, विस्फोटक बरामद
मुठभेड़ों के बाद घटनास्थल से दो AK-47 राइफलें, पिस्तौल, बम बनाने का सामान, कारतूस और कई नक्सली दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह दर्शाता है कि माओवादी अभी भी आधुनिक हथियारों से लैस हैं, लेकिन सुरक्षा बलों की रणनीति और तैयारी के आगे अब वे टिक नहीं पा रहे।
जवानों का हौसला: हल्की चोटें, पर कोई बड़ी हानि नहीं
इस बड़े ऑपरेशन के दौरान कुछ जवानों को जंगलों की दुर्गमता के चलते हल्की चोटें आईं – जैसे मधुमक्खियों के डंक, पत्थरों पर फिसलने से लगी चोटें और पानी की कमी से थकावट। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी जवान अब स्वस्थ हैं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई।
अभी भी जारी है सघन सर्च ऑपरेशन
बीजापुर के नेशनल पार्क और उसके आस-पास के इलाकों में सघन तलाशी और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी माओवादी फिर से इन इलाकों में संगठित न हो सके।
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