जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ में बारिश से भीगा 4 लाख क्विंटल धान, संग्रहण केंद्र की लापरवाही से किसानों की मेहनत बर्बाद
admin Mon, Jul 7, 2025
इस बार मानसून छत्तीसगढ़ पर मेहरबान है। राज्य में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जहां एक ओर किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों की मेहनत की कमाई बर्बाद होती नजर आ रही है।
राज्य के जांजगीर-चांपा जिले के अमरताल गांव स्थित धान संग्रहण केंद्र में लगभग 4 लाख क्विंटल धान बारिश में भीगकर अंकुरित हो गया है। यह धान पिछले साल खरीदी के बाद से खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ था, जिसकी मिलिंग अब तक नहीं हो पाई है।
अच्छी बारिश से खेतों में खुशी, लेकिन संग्रहण केंद्र में लापरवाही
इस वर्ष छत्तीसगढ़ में मानसून समय पर पहुंचा और अच्छी बारिश हो रही है, जिससे किसान अपने खेतों में धान की फसल बोने में जुटे हैं। किसानों को बंपर उत्पादन की उम्मीद है।
लेकिन बीते साल खरी
दे गए धान को अब तक मिलिंग के लिए नहीं भेजा गया, और बारिश में सुरक्षित रखने के इंतजाम भी नहीं किए गए। यही वजह है कि अमरताल गांव के संग्रहण केंद्र में बोरियों में रखा धान भीगकर अंकुरित और सड़ने लगा है।
कांग्रेस विधायक ने लगाया बड़ा आरोप, 4 लाख क्विंटल धान हुआ खराब
कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने इस पूरे मामले पर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि,
"धान के रख-रखाव की कोई व्यवस्था अमरताल के संग्रहण केंद्र में नहीं है। जिले में एक हफ्ते से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते लाखों क्विंटल धान सड़ गया है। लाखों खर्च के बाद भी व्यवस्था नाकाम है। ये किसानों की मेहनत और कमाई से खिलवाड़ है।"
खरीदी गई थी 63 लाख क्विंटल से ज्यादा धान, लेकिन अभी भी संग्रहण केंद्र में पड़ा है अनमिला धान
जानकारी के अनुसार, जिले में पिछले सीजन में 63 लाख 27 हजार क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। मिलिंग के बाद जो धान बचा, उसे अमरताल गांव के धान संग्रहण केंद्र में रखा गया था।
लेकिन 5 महीने बीतने के बावजूद न मिलिंग हुई और न सुरक्षित भंडारण, जिससे भारी मात्रा में धान खराब हो गया।
विधायक का आरोप है कि अब अधिकारी अपनी गलती छिपाने के लिए भीगे हुए और अंकुरित धान को नई बोरियों में भरवा रहे हैं, ताकि रिपोर्ट में हेरफेर कर ली जाए।
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