: धान खरीदी केंद्रों में मिलर्स ने शुरू किया उठाव, शॉर्टेज को खाद्य विभाग ने बताया सामान्य
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के इस सीजन में मिलर्स ने धान उठाव की प्रक्रिया तेज कर दी है। खरीदी केंद्रों से मिलर्स द्वारा धान उठाए जाने के बीच कुछ स्थानों पर स्टॉक में कमी की शिकायतें आईं। हालांकि, खाद्य विभाग ने इसे सामान्य स्थिति बताते हुए किसानों को आश्वस्त किया है कि इससे खरीदी प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मिलर्स की तेजी से बढ़ा उठाव कार्य
राज्य में मिलर्स ने खरीदी केंद्रों से धान उठाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। इससे भंडारण स्थलों को खाली करने और नए धान की खरीदी के लिए जगह बनाने में मदद मिलेगी। इस साल उठाव का कार्य पिछले साल की तुलना में तेज गति से हो रहा है।स्टॉक में कमी पर खाद्य विभाग का बयान
धान स्टॉक में कमी की शिकायतों पर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सामान्य प्रक्रिया है। अधिकारियों के मुताबिक, धान उठाव के दौरान रिकॉर्ड और फील्ड डेटा में अस्थायी अंतर होता है, जिसे समय पर ठीक कर लिया जाता है।किसानों को नहीं होगी असुविधा
खाद्य विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि किसानों को इस प्रक्रिया के कारण किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। खरीदी केंद्रों पर धान के भंडारण और उठाव के लिए पूरी निगरानी की जा रही है।प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
राज्य सरकार ने धान खरीदी और मिलर्स के उठाव की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उठाव की स्थिति और स्टॉक डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट किया जाएगा।धान खरीदी के आंकड़े और शॉर्टेज का कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, धान खरीदी के बढ़ते आंकड़ों और केंद्रों में बढ़ते दबाव के कारण स्टॉक में शॉर्टेज की शिकायतें सामने आती हैं। लेकिन यह समस्या आमतौर पर अस्थायी होती है और उठाव के साथ ही संतुलन बना लिया जाता है।सरकार की तैयारी
- मिलर्स के लिए उठाव की समयसीमा तय।
- केंद्रों पर धान खरीदी की सुचारु व्यवस्था।
- किसानों के भुगतान में तेजी।
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