: साय कैबिनेट के बड़े फैसले: पुलिस भर्ती में छूट, धान खरीदी को प्रोत्साहन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ की साय कैबिनेट ने बुधवार को कई अहम फैसले लिए। रायपुर के महानदी भवन में हुई इस बैठक में पुलिस भर्ती, धान खरीदी, और कई अन्य नीतिगत मामलों पर चर्चा हुई। कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश की जनता के लिए इस साल की बड़ी सौगात माना जा रहा है।

पुलिस भर्ती में एसटी वर्ग को विशेष छूट
साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के युवाओं के लिए पुलिस भर्ती में कई छूट देने का निर्णय लिया है।- किन पदों पर छूट:
- सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमांडर की सीधी भर्ती में छूट।
- शारीरिक मापदंडों में रियायत:
- ऊंचाई: 163 सेमी।
- सीना: बिना फुलाए 78 सेमी, फुलाकर 83 सेमी।
- यह छूट केवल एक बार के लिए दी जाएगी।
धान खरीदी के लिए बड़े निर्णय
धान खरीदी के क्षेत्र में कैबिनेट ने कई सकारात्मक कदम उठाए हैं:- कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि
- खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 80,000 रुपये कर दी गई है।
- एफआरके निर्माताओं से फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की खरीदी
- भारतीय खाद्य निगम के मानकों के अनुसार फोर्टिफाइड चावल की जमा प्रक्रिया को मंजूरी।
- सरप्लस धान पर निर्णय:
- शेष बचे धान की नीलामी।
- केंद्र सरकार को धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने की योजना।
- अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन:
- दुग्ध संकलन और प्रसंस्करण में वृद्धि के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ एमओयू।
- वाहनों पर टैक्स छूट:
- ऑटो एक्सपो 2025 में नए वाहनों के रोड टैक्स पर 50% की छूट।
- क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना:
- अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के यात्रा खर्च की व्यवस्था।
- विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयक:
- भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक।
- अनधिकृत विकास का नियमितीकरण विधेयक।
- पंचायत राज संशोधन विधेयक।
- नगर पालिका अधिनियम संशोधन विधेयक।
- माल और सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक।
आर्थिक और प्रशासनिक प्रगति की दिशा
साय कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, धान खरीदी के लिए उठाए गए कदम किसानों को राहत देंगे और डेयरी उद्योग में सुधार होगा। आगामी विधानसभा सत्र में इन फैसलों पर चर्चा के बाद उनके क्रियान्वयन की दिशा में तेजी आने की उम्मीद है।
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